11 जून 2012 - 19:30

बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से इतना ज़्यादा डर गया है कि अब वह शांति व्यवस्था में बाधा डालने के अपने आरोप के साथ एक ग्यारह वर्षीय लड़के के खिलाफ़ इसलिए कार्यवाही करने जा रहा है क्योंकि वह बालक सड़क पर निकल आया था.........

बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से इतना ज़्यादा डर गया है कि अब वह शांति व्यवस्था में बाधा डालने के अपने आरोप के साथ एक ग्यारह वर्षीय लड़के के खिलाफ़ इसलिए कार्यवाही करने जा रहा है क्योंकि वह बालक सड़क पर निकल आया था। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार अली हसन नामक इस ग्यारह वर्षीय लड़के के खिलाफ़ मुक़द्दमे की कार्यवाही 20 जून तक स्थगित हो गयी है। इस बच्चे के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा शुरू होने से पहले तक उसे ग्यारह जून को उसके माँ-बाप के हवाले कर दिया गया है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार एक वकील ने अपना नाम ज़ाहिर न किए जाने की शर्त पर बताया कि अली हसन को अस्थायी रूप से रिहा किया गया है ताकि उसके संबंध में एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा तय्यार की गयी रिपोर्ट की समीक्षा का समय मिल सके। बहरैन में बच्चों के मुख्य अभियोक्ता नूरा अलख़लीफ़ा ने रविवार को अपने बयान में कहा कि इस लड़के को 14 मई को राजधानी मनामा के बाहर सड़क को लकड़ी के तख़्ते और कूड़े के डिब्बों से अवरुद्ध करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। अली हसन के परिवार के वकील शाहज़लान ख़मीस ने इस बात का ज़िक्र करते हुए कि पुलिस ने हसन और दो दूसरे लड़कों को रोका जो भागने में सफल रहे कहा कि हसन ने कहा कि पुलिस ने उसे भागने की स्थिति में गोली मारने की धमकी दी थी। ज्ञात रहे बहरैन में आले ख़लीफ़ा शासन इस देश की सत्ता पर 230 वर्षों से अधिक समय से क़ब्ज़ा जमाए हुए है जिसके अत्याचार के विरुद्ध इस देश में मध्य फ़रवरी 2011 से जनक्रान्ति जारी है जिसके दौरान जनता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर आले ख़लीफ़ा शासन से सत्ता से हटने की मांग कर रही है। .........166